1. ग्रामीणों का आरोप—नाले में कथित अतिक्रमण से बाधित हुआ प्राकृतिक जल प्रवाह
2. तेज बहाव का दबाव नहीं झेल सकी संरचना, टूटा चेक डैम
3. सिंचाई और भू-जल संवर्धन पर पड़ा सीधा असर
4. तकनीकी जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग
5. जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी वास्तविक वजह
6. प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी ग्रामीणों की निगाहें
(संभागीय ब्यूरो - नंदू यादव)
सूरजपुर/रामानुजनगर। विकासखंड रामानुजनगर के ग्राम पंचायत परशुरामपुर स्थित गाड़ा सिली नाला पर निर्मित चेक डैम भारी बारिश और तेज जलप्रवाह के दौरान क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। इस घटना से क्षेत्र की जल संरक्षण, सिंचाई तथा भू-जल संवर्धन व्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि नाले के प्राकृतिक जल प्रवाह क्षेत्र में लंबे समय से कथित अतिक्रमण कर खेती की जा रही थी, जिससे पानी का स्वाभाविक मार्ग प्रभावित हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान जलप्रवाह बाधित होने से चेक डैम पर अत्यधिक दबाव बना और अंततः संरचना क्षतिग्रस्त होकर टूट गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक प्रशासन या संबंधित विभाग द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- गाड़ा सिली नाला का सीमांकन कर कथित अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच की जाए।
- चेक डैम टूटने के कारणों की तकनीकी जांच कराई जाए।
- यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- क्षतिग्रस्त चेक डैम का शीघ्र पुनर्निर्माण कर जल संरक्षण व्यवस्था बहाल की जाए।
फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चेक डैम टूटने का वास्तविक कारण क्या था और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।



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