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भूपेश बघेल का बड़ा हमला: छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था फेल, आदिवासी छात्राओं का मामला भी उठाया

 

फाइल फोटो 

16 मार्च 2026 दुर्ग-भिलाई।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भिलाई में एक कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं और ऐसा लग रहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज ही नहीं बची है

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो सरकार की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि जब विधायक तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता होना स्वाभाविक है।

आदिवासी छात्राओं के गर्भवती होने का मामला बेहद चिंताजनक

भूपेश बघेल ने हाल ही में सामने आए बीजापुर जिले में आदिवासी छात्राओं के गर्भवती होने के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह घटना प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि छात्रावास और आश्रम स्कूलों में पढ़ने वाली बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में सरकारी तंत्र सही तरीके से कार्रवाई करने के बजाय कई बार मामले को दबाने की कोशिश करता है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बघेल ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

अफीम की खेती और अपराध बढ़ने का लगाया आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई जगहों पर अवैध गतिविधियां और अफीम की खेती तक होने की खबरें सामने आ रही हैं

उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में ऐसी गतिविधियां खुलेआम हो रही हैं, तो यह साफ संकेत है कि कानून व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है और प्रशासनिक नियंत्रण में कमी आई है।

मनरेगा बंद होने से मजदूरों की बढ़ी परेशानी

भूपेश बघेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के कार्यों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई गांवों में मनरेगा के काम बंद हो गए हैं, जिससे मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को मिलने वाला अधिकार अब सरकारी खैरात की तरह दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण गरीबों की स्थिति और भी खराब हो रही है।

धान खरीदी व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

किसानों के मुद्दे को उठाते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया भी ठीक तरीके से नहीं हो पाई है। इसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए, लेकिन वर्तमान में सरकार इन समस्याओं की अनदेखी कर रही है।

17 मार्च को कांग्रेस का विधानसभा घेराव

पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर कांग्रेस 17 मार्च को विधानसभा का घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राजधानी पहुंचेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

बघेल ने कहा कि यह घेराव केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता की समस्याओं को उठाने का आंदोलन है।

नक्सलवाद खत्म होने के दावे पर उठाया सवाल

नक्सलवाद के मुद्दे पर भी भूपेश बघेल ने सरकार के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार कह रही है कि नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर है, लेकिन वास्तविक स्थिति तब मानी जाएगी जब बस्तर से पैरामिलिट्री फोर्स की वापसी होगी

उन्होंने कहा कि यदि सरकार सच में मानती है कि नक्सल समस्या खत्म हो रही है, तो उसे इसके ठोस प्रमाण भी देने चाहिए और सुरक्षा बलों की वापसी की योजना बनानी चाहिए।

विधायक की हत्या की साजिश वाले वीडियो पर भी मांगा जवाब

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायक रिकेश सेन की हत्या की साजिश से जुड़े वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में सरकार को स्पष्ट स्थिति बतानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर वीडियो फर्जी है तो उसके पीछे जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, और अगर साजिश की बात सही है तो इसकी गंभीर और निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।

सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग

भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में लगातार सामने आ रही घटनाओं को लेकर सरकार को जनता के सामने स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए।



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