बीजापुर में 3 आदिवासी छात्राएं गर्भवती, विधानसभा में गूंजा मामला
16 मार्च 2026 बीजापुर।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र में एक हायर सेकेंडरी स्कूल की 3 आदिवासी छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। ये छात्राएं पोटा केबिन आवासीय संस्था में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। जानकारी के अनुसार दो छात्राएं कक्षा 12वीं और एक कक्षा 11वीं की है। इनमें से दो छात्राएं नाबालिग बताई जा रही हैं और तीनों करीब पांच महीने की गर्भवती हैं।
मामले के सामने आने के बाद इन छात्राओं को लगभग चार महीने पहले संस्था से हटा दिया गया था, जिसके बाद वे नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रही थीं। हालांकि 12वीं की दो छात्राओं ने हाल ही में अपनी अंतिम परीक्षा भी दी है।
विधानसभा में गूंजा मामला
मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि आवासीय विद्यालय से आ रही यह खबर बेहद चिंताजनक है।
बघेल ने आरोप लगाया कि सरकारी अमला मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विपक्ष का हंगामा, सदन से वॉकआउट
मामले को लेकर विपक्ष ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की। हालांकि सरकार की ओर से जवाब दिए जाने के बाद आसंदी ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
इससे नाराज विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया और बाद में वॉकआउट कर दिया।
विधायक ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदिवासी छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन की बात करती है, लेकिन आश्रम और आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
अधीक्षिका बोलीं- मेरे कार्यकाल का मामला नहीं
पोटा केबिन आवासीय संस्था की अधीक्षिका ने इस मामले से दूरी बनाते हुए कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल की नहीं है। उन्होंने बताया कि छात्राएं काफी समय से संस्था से अनुपस्थित थीं।
निरीक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल
जिले में शिक्षा विभाग के कई अधिकारी पदस्थ हैं, जिनमें
-
2 जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)
-
विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO)
-
4 खंड स्रोत समन्वयक (BRC)
-
सहायक खंड शिक्षा अधिकारी (ABEO)
इसके बावजूद आवासीय स्कूलों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आश्रम और छात्रावासों का निरीक्षण अक्सर सिर्फ औपचारिकता तक सीमित रह जाता है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया ने कहा कि छात्राएं घर से आना-जाना करती थीं। मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री और जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥
👉 खबरें और भी है -
🔍 पथरिया की जर्जर सड़क पर सियासत: लोरमी में करोड़ों के विकास कार्य, मुंगेली मुख्यालय भी सवालों के घेरे में




%202025.jpg%20(1).jpeg)
0 टिप्पणियाँ