सीट के अंदर छिपा रखा था 10 किलो से ज्यादा गांजा, कोण्डागांव पुलिस ने अंतर्राज्यीय तस्करी का किया भंडाफोड़
पल्सर बाइक की सीट को बनाया था गांजा छिपाने का ठिकाना, मध्यप्रदेश का आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक गिरफ्तार
कोण्डागांव, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोण्डागांव पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पल्सर मोटरसाइकिल की सीट के भीतर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर ले जाए जा रहे 10.335 किलोग्राम गांजा को बरामद किया है। इस कार्रवाई में मध्यप्रदेश निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके साथ मौजूद एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा एवं एसडीओपी रूपेश कुमार के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति काले-लाल रंग की पल्सर मोटरसाइकिल (MP 38 MJ 8492) से ओडिशा के व्यापारीगुड़ा क्षेत्र से गांजा लेकर मध्यप्रदेश जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 स्थित दूधगांव चौक पर चेक पोस्ट लगाकर सघन वाहन जांच शुरू की।
जांच के दौरान संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस उस समय हैरान रह गई जब बाइक की डिक्की से करीब 3 किलोग्राम गांजा मिला और आगे की जांच में पता चला कि बाइक की पूरी सीट को गांजा भरकर तैयार किया गया था, जिसे सीट कवर से ढक दिया गया था ताकि किसी को शक न हो।
तलाशी में कुल 10.335 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 2 लाख रुपये आंकी गई है। साथ ही लगभग 70 हजार रुपये कीमत की पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। इस प्रकार कुल 2.70 लाख रुपये का मशरूका पुलिस ने जब्त किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अखिलेश दुबे (33 वर्ष), निवासी नरहेरा, थाना उदयपुरा, जिला रायसेन (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। उसके साथ मौजूद एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, सहायक उप निरीक्षक महेश साहू, प्रधान आरक्षक अशोक कुमार मरकाम, सनीत शोरी, आरक्षक मोहन क्षत्रिय तथा साइबर सेल से सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र बघेल, प्रधान आरक्षक अजय बघेल, आरक्षक संतोष कोडोपी एवं बिरजू सोरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


%202025.jpg%20(1).jpeg)












0 टिप्पणियाँ