🔵 जर्जर भवन में पढ़ाई को मजबूर छात्र, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
🔵 बारिश से पहले स्कूल भवन पर मंडरा रहा खतरा, प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
🔵 16 जून से नया सत्र शुरू,लेकिन छात्रों के बैठने की व्यवस्था अब भी अधर में
चकरभाठा (मुंगेली)। उप तहसील चकरभाठा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। वर्ष 2010 में निर्मित इस भवन की दीवारें कई स्थानों पर टूटकर मुख्य कॉलम से अलग हो गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
विद्यालय के कई कक्षों की फ्लोरिंग भी धंस रही है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों तथा शाला विकास समिति द्वारा कई बार शिक्षा विभाग और पंचायत प्रशासन को इसकी जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए भवन की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
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| जर्जर बरामदा |
विद्यालय परिसर में छात्रों के उपयोग हेतु बने शौचालय भी बदहाल और क्षतिग्रस्त हैं। गंदगी के कारण शौचालय उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि भवन को डिसमेंटल किया जाता है तो छात्रों के बैठने और पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था कैसे की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इसी विद्यालय की छात्रा हेमा साहू ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मुंगेली जिले का नाम रोशन किया था। उस समय विद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करने पहुंचे अधिकारी और जनप्रतिनिधि अब जर्जर भवन की समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
अधिकारियों का पक्ष
विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मुंगेली ने बताया कि विद्यालय भवन की जानकारी कलेक्टर को दे दी गई है। शासन द्वारा गठित टीम मौके पर जांच करेगी तथा भवन को डिसमेंटल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पंकज जायसवाल (उप सरपंच) ने बताया कि अप्रैल माह में ही शासन को भवन की जर्जर स्थिति से अवगत करा दिया गया था। भवन को डिसमेंटल करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है तथा छात्रों की कक्षाओं के लिए अतिरिक्त भवन उपलब्ध है, जहां वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है।



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