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स्कूल में पढ़ाई चाहिए, अराजकता नहीं — विद्यार्थियों के हित में सालेम इंग्लिश स्कूल प्रबंधन का बड़ा फैसला
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स्कूल में पढ़ाई चाहिए, अराजकता नहीं — विद्यार्थियों के हित में सालेम इंग्लिश स्कूल प्रबंधन का बड़ा फैसला

शैक्षणिक गुणवत्ता,अनुशासन और बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता बताते हुए 28 शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई

बर्खास्त किए गए कर्मचारी 

रायपुररायपुर के अंतर्गत संचालित में लंबे समय से चल रहे विवाद और अनुशासनहीनता के बीच विद्यालय प्रबंधन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 28 शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुछ कर्मचारियों द्वारा लगातार ऐसी गतिविधियां की जा रही थीं, जिससे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, विद्यार्थियों की पढ़ाई और संस्था की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही थी।

प्रबंधन के अनुसार, रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी के आदेश को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दिए जाने के बाद शासन द्वारा 1 दिसंबर 2025 को रायपुर कलेक्टर को प्रशासक नियुक्त किया गया था। इसके बाद 27 मार्च 2026 को प्रशासक की निगरानी में शांतिपूर्ण एवं वैधानिक चुनाव सम्पन्न कर नई प्रबंधन समिति का गठन किया गया।

विद्यालय प्रबंधन का आरोप है कि कुछ शिक्षक नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य नहीं कर रहे थे। पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का उपयोग, पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं करना तथा विद्यालय अनुशासन की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार अभिभावकों और विद्यार्थियों से मिल रही थीं।

इसके अलावा कुछ कर्मचारियों पर विद्यालय परिसर और बाहरी माध्यमों से संस्था, प्राचार्य और प्रबंधन के खिलाफ भ्रामक एवं निराधार प्रचार करने के आरोप भी लगाए गए हैं। प्रबंधन का कहना है कि इससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने लगी।

विद्यालय प्रबंधन के मुताबिक संबंधित कर्मचारियों को सुधार के लिए कई अवसर दिए गए। मौखिक निर्देश, लिखित मेमो, चेतावनी पत्र और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

इसी के चलते संस्था सेवा नियमों के उल्लंघन, अनुशासनहीनता, शैक्षणिक कार्य में लापरवाही और संस्था विरोधी गतिविधियों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 28 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं।

प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी व्यक्तिगत प्रतिशोध या दुर्भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, विद्यालय की गरिमा और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

विद्यालय प्रबंधन ने प्रदेश के अन्य स्कूलों और शिक्षण संस्थाओं से भी अपील की है कि किसी भी शिक्षकीय अथवा गैर-शिक्षकीय कर्मचारी की नियुक्ति से पहले संबंधित संस्था से सेवा रिकॉर्ड, आचरण विवरण और NOC अवश्य प्राप्त करें।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया कि संस्था को बदनाम करने के उद्देश्य से कुछ व्यक्तियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक याचिका दायर की गई थी, जिसे निरस्त कर दिया गया।

अंत में विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों और नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक अफवाह या असत्य प्रचार पर विश्वास न करें तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और विद्यालय की शैक्षणिक गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें।



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