🟣वरिष्ठता सूची में नाम ऊपर होने के बावजूद नहीं मिली पदोन्नति,हाईकोर्ट ने 2 माह में निर्णय लेने कहा
🟣शिक्षा विभाग में पदोन्नति विवाद पहुंचा हाईकोर्ट,कर्मचारी ने मांगा एरियर व सेवा लाभ
🟣कनिष्ठ कर्मचारी को मिला प्रमोशन, वरिष्ठ कर्मचारी ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
🟣राजकुमारी देवी को न्याय की उम्मीद, अधिवक्ता सी.एस. चौहान ने रखी मजबूती से पैरवी
![]() |
| Advance c.s.chauhan |
जशपुर। जिला शिक्षा विभाग में पदोन्नति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजकुमारी देवी को माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जशपुर को निर्देश दिया है कि प्रस्तुत अभ्यावेदन पर नियमानुसार विचार करते हुए 2 माह के भीतर निर्णय लिया जाए।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 की वरिष्ठता सूची में राजकुमारी देवी का नाम क्रमांक 60 पर दर्ज था, इसके बावजूद उन्हें सहायक ग्रेड-III पद पर पदोन्नति नहीं दी गई। वहीं उनसे कनिष्ठ कर्मचारी, जिनका नाम वरिष्ठता सूची में क्रमांक 153 पर था, को पदोन्नति का लाभ प्रदान कर दिया गया।
बताया गया कि इस संबंध में राजकुमारी देवी ने वर्ष 2022 में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वर्ष 2026 में पुनः आवेदन देकर वरिष्ठता सूची में त्रुटि एवं पदोन्नति में हुई विसंगतियों की जानकारी दी गई।
प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने अधिवक्ता सी.एस. चौहान के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर को निर्देशित किया कि अभ्यावेदन पर विधिसम्मत निर्णय निर्धारित समय-सीमा में लिया जाए।
राजकुमारी देवी ने मांग की है कि उन्हें वर्ष 2021 से सहायक ग्रेड-III पद पर पदोन्नति प्रदान करते हुए एरियर, वेतन अंतर राशि तथा अन्य सेवा लाभ दिए जाएं।
मामले में अधिवक्ता सी.एस. चौहान ने कहा कि लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रही कर्मचारी को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

%202025.jpg%20(1).jpeg)












0 टिप्पणियाँ