Breaking
ग्राम पंचायत अमोरा में विकास कार्यों पर उठे सवाल
BREAKING

letest news

6/recent/ticker-posts

ग्राम पंचायत अमोरा में विकास कार्यों पर उठे सवाल

 शिकायत के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी,अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

ग्राम पंचायत अमोरा 

मुंगेली// जिले के पथरिया जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत अमोरा में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर राशि आहरण किए जाने का मामला अब सवालों के घेरे में आ गया है। मामले को लेकर छत्तीसगढ़ मानवाधिकार सदस्य एवं पत्रकार प्रदीप मानिकपुरी द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पथरिया जिला मुंगेली को लिखित शिकायत सौंपकर जांच की मांग की गई है। 

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर राशि आहरित की गई, लेकिन कई कार्यों की स्थिति संदेह के घेरे में है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच, भौतिक सत्यापन एवं संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता प्रदीप मानिकपुरी का कहना है कि शिकायत किए एक माह से उपर हो गया इस संबंध में जब भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मामले की जानकारी ली जाती है, तब हर बार जांच के निर्देश दिए जाने की बात कही जाती है। लेकिन जिन अधिकारियों को जांच सौंपे जाने की बात कही जा रही है, वे स्वयं मामले की जानकारी होने से अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जांच चल रही है या सिर्फ जांच के नाम पर आश्वासन दिया जा रहा है? यदि शिकायत पर कार्रवाई हुई है तो अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?

एक ओर शासन द्वारा “सुशासन तिहार” मनाकर जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले व्यक्ति को लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि पंचायत में कराए गए विकास कार्य सही हैं तो प्रशासन को तत्काल मौके पर भौतिक सत्यापन कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।

 👉  क्या कहते हैं अधिकारी -   

अनील कुमार झा/मुख्य कार्यपालन अधिकारी पथरिया-जांच के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया है अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है जैसे ही आयेगा अवगत करा दिया जाएगा 

कथित जांच अधिकारी/आकाश नायक,उप अभियंता- उक्त मामले से संबंधित जानकारी मुझे नहीं है और न कोई निर्देश जारी किया गया है।

इस तरह दोनों अधिकारियों के बोल अलग हैं ऐसे में निराकरण की उम्मीद कैसे की जा सकती है अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद मामले को संज्ञान में लेकर संबंधित अधिकारी जांच के गंभीरता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच कराते है या फिर मामला केवल फाइलों और आश्वासनों तक सीमित रह जाएगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ