14 मार्च 2026/कोशलभूमि न्यूज
छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में शिक्षण और सहायक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर यह कदम राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 700 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसमें सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद और क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद शामिल हैं।
विभाग की तैयारी और आरक्षण नीति
उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार के नियमों और आरक्षण रोस्टर के अनुसार विषयवार रिक्तियों का निर्धारण कर लिया है। इसके साथ ही विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप तैयार कर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को भेजा गया। लोक सेवा आयोग द्वारा सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।
विभाग ने सभी पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा पाठ्यक्रम और भर्ती नियम सहित आवश्यक जानकारी आयोग को भेज दी है, जिससे योग्य अभ्यर्थी आसानी से आवेदन कर सकें।
सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति
राज्य के सरकारी महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के लिए विभिन्न विषयों में नियुक्तियां की जाएंगी। प्रमुख विषयों में हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिकी, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति विज्ञान और प्राणीशास्त्र के 50-50 पद शामिल हैं। इसके अलावा अर्थशास्त्र, इतिहास और भूगोल के 25-25 पद, कंप्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, और विधि के 10 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
इन नियुक्तियों से महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी की नियुक्ति
सहायक प्राध्यापकों के अलावा विभाग ने 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। ये पद महाविद्यालयों में पुस्तकालय और खेल गतिविधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इन नियुक्तियों से न केवल शिक्षण व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि विद्यार्थियों को अध्ययन और खेल दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
वर्तमान में अतिथि प्राध्यापक
उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। इसी उद्देश्य से प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है।
अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं और नेट/सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बना रहे हैं।
राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा
इन नियुक्तियों से सरकारी कॉलेजों में शिक्षण और सहायक सेवाओं की मजबूती बढ़ेगी। विभाग का उद्देश्य है कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस प्रक्रिया को राज्य के शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ेगी और कॉलेजों में पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के सरकारी महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने से राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी की नियुक्ति से शिक्षण, पुस्तकालय और खेल व्यवस्थाओं में सुधार आएगा।
यह पहल छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए एक अवसर और भविष्य की नींव साबित होगी।
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