छत्तीसगढ़ की साय सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को कई बड़े और अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आम जनता से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक देखने को मिलेगा।
इस बैठक में शहरी गैस वितरण नीति 2026 को मंजूरी दी गई, राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम के लिए 5 एकड़ भूमि देने का फैसला हुआ, और सबसे चर्चित निर्णय के रूप में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की पदावनति आदेश को निरस्त कर दिया गया।
सबसे पहले बात करें शहरी गैस वितरण नीति 2026 की, तो राज्य सरकार ने इस नई नीति को मंजूरी देकर घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस पहुंचाने का रास्ता साफ कर दिया है।
इस नीति के लागू होने के बाद शहरी क्षेत्रों में लोगों को एलपीजी सिलेंडर की तुलना में सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक प्राकृतिक गैस उपलब्ध हो सकेगी।
सरकार का कहना है कि इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, पर्यावरण संरक्षण मजबूत होगा और ईंधन के वैकल्पिक उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना का तेजी से विकास होगा, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
यह फैसला खासतौर पर शहरी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि पाइप गैस की सुविधा से रसोई व्यवस्था अधिक आसान और किफायती होगी।
कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला राजनांदगांव से जुड़ा रहा।
मंत्रिपरिषद ने आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण के लिए जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया।
यह भूमि दिग्विजय स्टेडियम के विकास के लिए दी जाएगी, जिससे खेल सुविधाओं का विस्तार होगा और युवाओं को बेहतर खेल प्रशिक्षण मिल सकेगा।
सरकार ने इसके लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से लगभग 11 करोड़ रुपये की राशि को भी मंजूरी दी है।
खेल और युवा विकास के लिहाज से यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राजनांदगांव में खेल अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी।
तीसरा और सबसे ज्यादा चर्चित फैसला तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों—संजय पिल्ले, आर.के. विज और मुकेश गुप्ता—से जुड़ा रहा।
साय कैबिनेट ने वर्ष 2019 में जारी उनके पदावनति आदेश को निरस्त करने का फैसला लिया है।
बताया गया कि वर्ष 1988 बैच के इन अधिकारियों के खिलाफ 26 सितंबर 2019 को पदावनति का आदेश जारी किया गया था।
अब मंत्रिपरिषद ने उस आदेश का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त कर दिया है।
साथ ही 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को भी अपास्त करते हुए, उस निर्णय के पालन में जारी सभी आदेशों को बैठक से पहले की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया गया है।
विशेष रूप से मुकेश गुप्ता का नाम इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि वे प्रदेश के सबसे चर्चित आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं।
उनकी पदावनति निरस्त होने को प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से बड़ा फैसला माना जा रहा है।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 6,809 व्यक्तियों और संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति भी दी है।
यह सहायता जरूरतमंदों को त्वरित राहत, सामाजिक सहयोग और विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल देने के उद्देश्य से दी गई है।
कुल मिलाकर साय कैबिनेट की यह बैठक कई बड़े फैसलों के कारण बेहद महत्वपूर्ण रही।
एक ओर आम जनता को पाइप गैस जैसी सुविधा मिलने की दिशा में कदम बढ़ाया गया, तो दूसरी ओर खेल, प्रशासन और सामाजिक सहायता से जुड़े अहम निर्णय भी लिए गए।
अब इन फैसलों का असर आने वाले समय में प्रदेश की व्यवस्था, विकास और राजनीतिक हलकों में साफ तौर पर दिखाई देगा।
👉 इस तरह की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहें koshalbhuminews.in के साथ
✅ रायगढ़ में तरबूज-ककड़ी के नाम पर अफीम की खेती, झारखंड का आरोपी गिरफ्तार; 15 दिन में चौथा मामला
https://www.koshalbhuminews.in/2026/03/raigarh-opium-farming-case-tamnar-amaghat-jharkhand-accused-network-analysis.html
✅ रायपुर: एसबीआई में 2.78 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा, बैंक मैनेजर मास्टरमाइंड
https://www.koshalbhuminews.in/2026/03/httpswww.example.comsbi-manager-fraud-2-78-crore-raipur-2026.html


%202025.jpg%20(1).jpeg)












0 टिप्पणियाँ