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AdSense का जो verification code लगाया है, उसे साइट से हटाना नहीं है। केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के गृहग्राम और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के क्षेत्र में पेयजल संकट, हैंडपंप मरम्मत पर सवाल
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केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के गृहग्राम और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के क्षेत्र में पेयजल संकट, हैंडपंप मरम्मत पर सवाल

 

👀  हैंडपंप मरम्मत में गड़बड़ी के आरोप, महीनों से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीण

👀  शिकायत के बाद प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश, ग्रामीणों ने जल्द समाधान की मांग की



लोरमी: 15 मार्च 2026/कोशलभूमि न्यूज 
लोरमी क्षेत्र के ग्राम पंचायत डिंडोरी (चि) में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गांव के एक मोहल्ले में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण आसपास रहने वाले कई परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप खराब होने की जानकारी कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों के अनुसार, हैंडपंप गांव के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत था। इसके बंद होने के बाद लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। कई परिवार सुबह और शाम घंटों समय केवल पानी की व्यवस्था में लगा देते हैं। इससे दैनिक जीवन और कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री के गृह ग्राम व डिप्टी सीएम का विधानसभा क्षेत्र है उक्त गाँव 

यह क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्राम पंचायत डिंडोरी (चि) केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के गृह ग्राम के रूप में पहचाना जाता है, वहीं यह उपमुख्यमंत्री अरुण साव के विधानसभा क्षेत्र का भी हिस्सा है। ऐसे में इस इलाके में विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों की अपेक्षाएँ स्वाभाविक रूप से अधिक रहती हैं।

 ग्राम पंचायत डिंडोरी (चि) उस इलाके में आता है जिसे केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के गृह ग्राम के रूप में जाना जाता है, वहीं यह उपमुख्यमंत्री अरुण साव के विधानसभा क्षेत्र का भी हिस्सा है। ऐसे में इस क्षेत्र से विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों की अपेक्षाएँ स्वाभाविक रूप से अधिक रहती हैं। बावजूद इसके, यहां पेयजल जैसी बुनियादी समस्या सामने आने से ग्रामीणों में निराशा देखी जा रही है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के हस्तक्षेप से जल्द समाधान निकलेगा।


हैंडपंप मरम्मत को लेकर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर हैंडपंप की मरम्मत के लिए राशि खर्च होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इसके बावजूद हैंडपंप अब भी चालू नहीं हो पाया है। इस वजह से गांव के कुछ लोगों ने मरम्मत कार्य और खर्च की गई राशि को लेकर सवाल उठाए हैं।

गांव के निवासी खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि हैंडपंप लंबे समय से बंद पड़ा है और इसके कारण आसपास के कई परिवारों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि समय पर मरम्मत कर दी जाती तो यह समस्या पैदा ही नहीं होती।

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही पानी की समस्या और भी गंभीर हो सकती है। इसलिए समय रहते समाधान किया जाना बेहद जरूरी है।

ग्रामीणों की रोजमर्रा की परेशानी

डिंडोरी (चि) के जिस मोहल्ले में यह हैंडपंप लगा है, वहां करीब आधा दर्जन से अधिक परिवार रहते हैं। इन परिवारों की पीने और घरेलू उपयोग के पानी की जरूरतें इसी हैंडपंप से पूरी होती थीं। जब से हैंडपंप बंद हुआ है, तब से महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

ग्रामीण बताते हैं कि कई बार उन्हें दूसरे मोहल्लों या खेतों के पास स्थित हैंडपंपों से पानी लाना पड़ता है। इससे समय और श्रम दोनों अधिक लगते हैं। कुछ लोग मजबूरी में निजी बोरवेल या टैंकर से भी पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है।

गांव की महिलाओं का कहना है कि सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे घर के अन्य कामों में भी देरी होती है। कई बार बच्चों को भी स्कूल जाने से पहले पानी लाने में मदद करनी पड़ती है।

प्रशासन से की गई शिकायत

ग्रामीण खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ने इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने लिखित आवेदन में बताया कि हैंडपंप की मरम्मत को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाए और यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कराई जाए।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि गांव में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का लंबे समय तक बंद रहना गंभीर विषय है। इसलिए संबंधित विभाग को जल्द से जल्द स्थिति का निरीक्षण कर समाधान निकालना चाहिए।

प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत स्तर पर अधिकारियों को स्थिति का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि हैंडपंप किस कारण से बंद हुआ और मरम्मत कार्य की स्थिति क्या है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का यह भी कहना है कि ग्रामीणों को जल्द राहत दिलाने के लिए अस्थायी रूप से वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है।

पंचायत स्तर पर समाधान की उम्मीद

ग्रामीणों को उम्मीद है कि पंचायत और प्रशासन मिलकर जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगे। कई लोगों का कहना है कि यदि समय रहते हैंडपंप की मरम्मत कर दी जाए तो गांव में पानी की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले भी कई बार हैंडपंप खराब हुआ था, लेकिन समय पर मरम्मत होने से ज्यादा परेशानी नहीं हुई। इस बार समस्या लंबे समय से बनी हुई है, इसलिए लोगों में चिंता बढ़ गई है।

पेयजल व्यवस्था ग्रामीण जीवन की अहम जरूरत

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं में से एक मानी जाती है। कई गांवों में आज भी हैंडपंप ही पीने के पानी का मुख्य स्रोत हैं। ऐसे में यदि हैंडपंप लंबे समय तक बंद रहें तो लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायतों को नियमित रूप से हैंडपंपों की स्थिति की जांच करते रहना चाहिए। समय-समय पर मरम्मत और रखरखाव होने से इस तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है।

ग्रामीणों की अपील

डिंडोरी (चि) के ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कर पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए। उनका कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को लंबे समय तक परेशान नहीं होना चाहिए।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और जल्द ही हैंडपंप फिर से चालू हो जाएगा। इससे गांव के लोगों को राहत मिलेगी और रोजमर्रा के जीवन में आ रही परेशानियां कम होंगी।

ग्राम पंचायत डिंडोरी (चि) में पेयजल समस्या ने ग्रामीणों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। हैंडपंप की खराबी और मरम्मत को लेकर उठे सवालों के बीच अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही समाधान निकलेगा और उन्हें फिर से नियमित पेयजल सुविधा मिल सकेगी।


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