Chhattisgarh की विधानसभा में मंगलवार को धान खरीदी और संग्रहण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान देखने को मिला। विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संग्रहित धान को चूहों ने खा लिया है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
स्थगन प्रस्ताव पर शुरू हुआ विवाद
मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने धान के संग्रहण और कथित नुकसान के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से उपजा धान यदि संग्रहण में खराब हो रहा है या चूहों द्वारा खाया जा रहा है, तो यह गंभीर विषय है और इस पर सदन में तत्काल चर्चा होनी चाहिए।
महंत के साथ विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। उनका कहना था कि प्रदेश के कई जिलों से धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे किसानों और सरकारी खजाने दोनों को नुकसान हो रहा है।
उमेश पटेल ने उठाया सवाल
खरसिया से विधायक Umesh Patel ने कहा कि प्रदेश के कई धान संग्रहण केंद्रों में चूहों के धान खाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की और कहा कि अगर यह सच है तो यह प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।
भूपेश बघेल का सरकार पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि सुशासन का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 22 लाख 71 हजार क्विंटल धान की कमी सामने आई है, जो बेहद चिंताजनक है।
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकारी कर्मचारी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए चूहों को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों से धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने की जानकारी मिल रही है।
उन्होंने मांग की कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए सदन की पूरी कार्यवाही रोककर विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।
खाद्य मंत्री का जवाब
विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए खाद्य मंत्री Dayal Das Baghel ने कहा कि राज्य में धान खरीदी पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह गलत हैं।
मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि प्रदेश में करीब 25 लाख किसानों से 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है और इसके बदले किसानों को 46,277 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धान को चूहों द्वारा खाने की बात बिल्कुल निराधार है। उनके अनुसार संग्रहण केंद्रों में करीब 67 हजार टन धान सुरक्षित रखा गया है और इसकी निगरानी लगातार की जा रही है।
मंत्री ने यह भी बताया कि धान संग्रहण और परिवहन में लापरवाही के आरोपों के चलते 78 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
स्थगन प्रस्ताव खारिज, सदन में हंगामा
खाद्य मंत्री के जवाब के बाद सभापति ने विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इसके बाद कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह में पहुंच गए।
विपक्षी सदस्यों द्वारा गर्भगृह में जाने के कारण नियमों के अनुसार कांग्रेस के सभी विधायक स्वतः निलंबित हो गए। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे और सदन में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
धान मुद्दे पर बढ़ी सियासत
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का मुद्दा लंबे समय से राजनीति के केंद्र में रहा है। किसानों की संख्या और धान उत्पादन के मामले में यह राज्य देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाता है। ऐसे में धान के संग्रहण और भुगतान से जुड़े मुद्दों पर अक्सर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिलती है।
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