बलरामपुर,छ.ग. 10 मार्च 2026 /कोशलभूमि न्यूज
छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। Balrampur district जिले के त्रिपुरी गांव में लगभग दो एकड़ जमीन पर अफीम की खेती मिलने से प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और खेत का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में दो खेत मालिकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि खेत को लीज पर देकर यहां अफीम की खेती कराई गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध खेती के पीछे कौन लोग शामिल हैं और क्या जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की खेती की जा रही है।
तीन महीने से चल रही थी खेती
जानकारी के मुताबिक अफीम के पौधे इतने बड़े होने में समय लगता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि त्रिपुरी गांव में करीब तीन महीने पहले इस खेती की शुरुआत की गई होगी। हालांकि इतने लंबे समय तक यह अवैध खेती चलती रही और पुलिस या प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी, जिससे स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं।
त्रिपुरी गांव जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित है। यहां से एक ओर Latehar district की सीमा लगती है, जबकि दूसरी ओर Jashpur district का सीमावर्ती इलाका है। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस अवैध खेती का संबंध अंतरराज्यीय नेटवर्क से तो नहीं है।
ग्रामीणों की सूचना पर हुआ खुलासा
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस अवैध खेती का भंडाफोड़ किया। करीब दो एकड़ क्षेत्र में अफीम की फसल लहलहाती मिली, जिसे देखकर प्रशासनिक अमले में भी हलचल मच गई।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल
दरअसल पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। इससे पहले Durg district के सोमदा गांव में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था, जिसने प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।
अब बलरामपुर में सामने आए इस नए मामले ने प्रदेश की सियासत को और गरमा दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर कई प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
दुर्ग मामले में प्रशासन की कार्रवाई
दुर्ग जिले के सोमदा गांव में अफीम की खेती के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी Vinayak Tamrakar के भाई बृजेश ताम्रकार की अवैध दुकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार तहसीलदार के नेतृत्व में पहुंची प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। पुलिस इस मामले में पहले ही विनायक ताम्रकार सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामला सामने आने के बाद पार्टी ने भी उन्हें संगठन से निष्कासित कर दिया है।
फिलहाल बलरामपुर में अफीम की खेती को लेकर पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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