निलंबन और उच्चस्तरीय जांच की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
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| प्रदर्शन करते व्यापारी |
मुंगेली/जरहागांव। नगर पंचायत जरहागांव में शुक्रवार को व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। नगर की विभिन्न लंबित समस्याओं, बाजार परिसर की अव्यवस्थाओं और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शुभम बक्तानी की कार्यप्रणाली के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने CMO के तत्काल निलंबन, उच्चस्तरीय जांच और वर्षों से लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई।
अटल व्यापारी कल्याण समिति के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और अनियमितताओं को लेकर जनदर्शन सहित विभिन्न मंचों पर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं किया गया। इसके विपरीत व्यापारियों को दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
नामांतरण और लीज डीड के मामले वर्षों से लंबित
व्यापारियों ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 को दुकानों में कथित अनियमितताओं, लीज डीड और नामांतरण संबंधी मामलों की शिकायत जनदर्शन में की गई थी। इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार परिसर की कई दुकानों का नामांतरण लगभग पांच वर्षों से लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण से प्रभावित हुईं दुकानें
व्यापारियों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य के कारण लगभग छह दुकानें प्रभावित होकर अनुपयोगी हो गई हैं। इस संबंध में भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि उनकी आजीविका प्रभावित हुई है और प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
ज्ञापन में बाजार परिसर और बस स्टैंड क्षेत्र में शौचालय, मूत्रालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारियों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा नियमित रूप से कर और अन्य शुल्क वसूले जा रहे हैं, लेकिन बदले में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, नाली सफाई और पेयजल आपूर्ति की स्थिति को भी उन्होंने खराब बताया।
पुलिस बल के साथ पहुंचकर दबाव बनाने का आरोप
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि 5 जून 2026 की शाम मुख्य नगर पालिका अधिकारी शुभम बक्तानी पुलिस बल के साथ बाजार क्षेत्र पहुंचे और लंबित मामलों के बावजूद व्यापारियों पर किराया जमा करने का दबाव बनाया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस दौरान व्यापारियों को धमकाने और दबाव बनाने का प्रयास किया गया, जिससे भय और असुरक्षा का माहौल बन गया।
ये हैं व्यापारियों की प्रमुख मांगें
- मुख्य नगर पालिका अधिकारी शुभम बक्तानी का तत्काल निलंबन।
- 5 जून की घटना एवं अन्य शिकायतों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच।
- जांच पूर्ण होने तक संबंधित अधिकारी को व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई से रोकना।
- लंबित शिकायतों का समयबद्ध निराकरण।
- व्यापारियों को प्रताड़ना एवं दबावपूर्ण कार्रवाई से सुरक्षा।
- नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक निर्देश जारी करना।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना-प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
नगर पंचायत उपाध्यक्ष मनोज कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी व्यापारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और दबावपूर्ण कार्रवाई की निंदा करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अधिकारियों की कार्यशैली से सरकार और जनप्रतिनिधियों की छवि प्रभावित हो रही है।


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