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नव सृजन मंच का बिटिया जन्मोत्सव: 151 बेटियों के माता-पिता का सम्मान, गूंजा वृंदावन हॉल
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नव सृजन मंच का बिटिया जन्मोत्सव: 151 बेटियों के माता-पिता का सम्मान, गूंजा वृंदावन हॉल

 नव सृजन मंच के बिटिया जन्मोत्सव में 151 नन्ही बेटियों के माता-पिता का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कन्या पूजन, बेबी किट वितरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

🎉 नव सृजन मंच का ‘बिटिया जन्मोत्सव’, 151 बेटियों के माता-पिता का सम्मान

नन्ही बेटियों की किलकारियों और भावनाओं से भरे माहौल के बीच Nav Srujan Manch द्वारा ‘बिटिया जन्मोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 10 दिन से लेकर 6 माह तक की 151 नन्ही बेटियों को गोद में लिए माता-पिता का सम्मान किया गया। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज को बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास बनकर सामने आया।

👶 किलकारियों से गुंजायमान रहा वृंदावन हॉल

कार्यक्रम Vrindavan Hall में आयोजित हुआ, जहां 6 माह से भी कम उम्र की नन्ही बच्चियों की मधुर किलकारियों से पूरा सभागार गूंज उठा। एक साथ इतनी छोटी-छोटी बच्चियों की मौजूदगी ने माहौल को भावुक और आनंदमय बना दिया। ऐसा दृश्य कम ही देखने को मिलता है, जहां बेटियों को इतने बड़े स्तर पर सम्मानित किया जाता हो।

🙏  कन्या पूजन के साथ शुरुआत, देवी स्वरूप में दिखीं बेटियां

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक कन्या पूजन के साथ हुई, जिसमें 151 बेटियों को मां दुर्गा का स्वरूप मानते हुए उनकी आरती उतारी गई और उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई। नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बेटियों को देवी के रूप में सम्मानित करना आयोजन की विशेषता रही। इस दौरान मां दुर्गा का रूप धारण किए नन्ही बच्ची जसलीन कौर, हाथों में त्रिशूल लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

🌸 12 वर्षों से बेटियों के सम्मान की अनोखी पहल

Nav Srujan Manch पिछले 12 वर्षों से लगातार इस ‘बिटिया जन्मोत्सव’ का आयोजन कर रहा है। संस्था का उद्देश्य समाज में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाना है। इस पहल के तहत अब तक हजारों परिवारों को सम्मानित किया जा चुका है, जो इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप देता है।

🏅 अतिथियों ने की सराहना, बताया प्रेरणादायक आयोजन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Varnika Sharma, Amarjeet Singh Chhabra, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी Chanchal Tiwari सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्र के दौरान बेटियों को सम्मानित करना और उन्हें देवी का स्वरूप मानना अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि एक साथ इतनी नन्ही बच्चियों की किलकारियां सुनना एक अलग ही अनुभव है और ऐसे आयोजन हर शहर में होने चाहिए।

🎁 सम्मान के साथ बेबी किट और प्रमाण पत्र

कार्यक्रम में 151 बेटियों के माता-पिता को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रत्येक बच्ची को बेबी किट भी दी गई, जिसमें फ्रॉक, साबुन, पाउडर, खिलौने, मच्छरदानी और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी। यह पहल न सिर्फ सम्मान का प्रतीक रही, बल्कि नवजात बच्चियों के पालन-पोषण में भी सहायक साबित होगी।

🏥 पोषण और स्वास्थ्य पर दी गई अहम जानकारी

कार्यक्रम के दौरान आहार विशेषज्ञ डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे के जन्म के बाद अक्सर महिलाएं अपने आहार को लेकर लापरवाही बरतती हैं, जिसका असर बच्चे के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे संतुलित और पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान दें ताकि बच्चे का समुचित विकास हो सके।

📢 सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए हेल्प डेस्क

इस आयोजन में Women and Child Development Department के सहयोग से विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए हेल्प डेस्क भी लगाए गए। इसमें सुकन्या योजना, नोनी योजना और मातृत्व समृद्धि योजना जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई, जिससे माता-पिता अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बना सकें।
साथ ही पोस्ट ऑफिस द्वारा शिविर लगाकर नन्ही बच्चियों के आधार कार्ड भी बनाए गए, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा हो सके।

🤝 सामाजिक सहभागिता और सफल आयोजन

कार्यक्रम का संचालन कांतिलाल जैन और डॉ. प्रीति सतपथी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवाशीष मुखर्जी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

🍛 कन्या भोज के साथ समापन, सकारात्मक संदेश

कार्यक्रम के अंत में कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसाद स्वरूप चना-पूड़ी और हलवा वितरित किया गया। इस आयोजन ने न सिर्फ सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखा, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दिया कि बेटियां सम्मान और गर्व की प्रतीक हैं।

📌 समाज को नई दिशा देता आयोजन

बिटिया जन्मोत्सव’ जैसे आयोजन समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलने का एक सशक्त माध्यम बन रहे हैं। जहां आज भी कई जगहों पर बेटियों के जन्म को लेकर नकारात्मक सोच मौजूद है, वहीं इस तरह की पहल लोगों को जागरूक और प्रेरित करने का काम कर रही है।


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