रायगढ़ | छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले में अवैध अफीम की खेती का बड़ा खुलासा हुआ है। तमनार और लैलूंगा क्षेत्र में दो दिनों के भीतर तीन अलग-अलग जगहों पर अफीम की फसल बरामद की गई है। इस कार्रवाई में अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ संदिग्धों की तलाश जारी है। प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए ड्रोन के जरिए निगरानी तेज कर दी है।
तमनार में 2 करोड़ की अफीम बरामद
जानकारी के मुताबिक, 20 मार्च को Tamnar क्षेत्र में आमाघाट के पास करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई थी। यहां से पुलिस और एएनटीएफ टीम ने 60,326 अफीम के पौधे बरामद किए, जिनका कुल वजन लगभग 2877 किलो बताया गया है। बाजार में इसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में मार्शल संगा और एमानुएल भेंगरा को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
लैलूंगा में दो जगह कार्रवाई
इसके बाद 23 मार्च को Lailunga ब्लॉक में भी दो जगह अफीम की खेती मिलने से हड़कंप मच गया। पहला मामला नवीन घटगांव का है, जहां सादराम नाग (60) के खेत में सब्जियों के बीच अफीम उगाई जा रही थी। खेत में लगे पौधों में फूल आने लगे थे और कुछ डंठल सूख चुके थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि खेती काफी समय से चल रही थी। मौके से 6 किलो सूखे पत्ते और 16 किलो सूखे डंठल जब्त किए गए।
घर से भी मिला अफीम का स्टॉक
इसी दौरान जांच टीम ने गांव के ही अभिमन्यु नागवंशी के घर पर दबिश दी, जहां से अफीम की सूखी फसल बरामद हुई। बताया जा रहा है कि टीम के पहुंचते ही आरोपी सबूत मिटाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया।
मुड़ागांव में भी खेती के सबूत
दूसरे मामले में मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी के खेत से भी अफीम की खेती के सबूत मिले। पूछताछ में करीब 5 डिसमिल जमीन पर अफीम उगाने की बात सामने आई। यहां से पौधों के सूखे अवशेष, पत्तियां और तने जब्त किए गए हैं। इन नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
5 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
दोनों क्षेत्रों में हुई कार्रवाई के बाद कुल 5 आरोपियों—सादराम नाग, तानसिंह नागवंशी, अभिमन्यु नागवंशी, मार्शल संगा और एमानुएल भेंगरा—को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच जारी है और अन्य लोगों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।
ड्रोन से निगरानी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने जिले में अवैध खेती के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में अब ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में सर्वे किया जा चुका है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
छोटे स्तर पर हो रही खेती
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा था, जिसके चलते एक सप्ताह के भीतर ही कई मामले सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह खेती बड़े संगठित गिरोह द्वारा नहीं, बल्कि छोटे स्तर पर अलग-अलग लोगों द्वारा की जा रही थी।
प्रदेश में बढ़ते मामले से बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले 17 दिनों के भीतर यह अफीम की खेती पकड़े जाने का पांचवां मामला है। इससे पहले दुर्ग और बलरामपुर जिलों में भी इसी तरह की अवैध खेती का खुलासा हो चुका है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है और आने वाले समय में ऐसे अभियानों को और तेज किए जाने की संभावना है।
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