Breaking
नवीन आंगनबाड़ी भवन: शिक्षा,पोषण और सुरक्षा का संगम,ग्रामीण क्षेत्रों में 100 आंगनबाड़ी भवन निर्माण जारी
BREAKING

letest news

6/recent/ticker-posts

नवीन आंगनबाड़ी भवन: शिक्षा,पोषण और सुरक्षा का संगम,ग्रामीण क्षेत्रों में 100 आंगनबाड़ी भवन निर्माण जारी

नवीन आंगनबाड़ी भवन: शिक्षा,पोषण और सुरक्षा का संगम,ग्रामीण क्षेत्रों में 100 आंगनबाड़ी भवन निर्माण जारी

आकर्षक शैक्षणिक चित्रों से बच्चों में बढ़ रही सीखने की रुचि, शिक्षा व खुशहाली को मिला नया आधार

मुंगेली, 11 फरवरी 2026//  जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिशरण से 100 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान में 31 आंगनबाड़ी भवन पूर्ण एवं 69 आंगनबाड़ी भवन प्रगतिरत है, जिन्हें 15 मार्च तक शतप्रतिशत पूर्ण कराया जाएगा। इन भवनों के तैयार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में 06 वर्ष तक के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार तथा स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। 

बच्चों की सीखने की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से भवनों की दीवारों पर हिंदी एवं अंग्रेजी वर्णमाला, जीव-जंतु तथा अन्य शैक्षणिक चित्रों की आकर्षक पेंटिंग कराई गई है। शैक्षणिक चित्रकारी से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिल रहा है और उनका मानसिक विकास भी बेहतर हो रहा है। इन नव-निर्मित भवनों से न केवल बच्चों को लाभ मिल रहा है, बल्कि अभिभावकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह और खुशहाली का वातावरण बना है। स्थानीय स्तर पर बेहतर अधोसंरचना तैयार होने से आंगनबाड़ी गतिविधियों के संचालन में सुविधा हुई है तथा बच्चों की उपस्थिति में भी सकारात्मक वृद्धि देखी जा रही है।

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि मनरेगा एवं महिला-बाल विकास विभाग के अभिशरण से निर्मित आंगनबाड़ी भवन ग्रामीण बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बेहतर अधोसंरचना से शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार हुआ है। यह कार्य बहुआयामी विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है। जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने बताया कि आकर्षक शैक्षणिक चित्रकारी से बच्चों में आंगनबाड़ी के प्रति उत्साह बढ़ा है। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति के साथ-साथ अभिभावकों में भी विश्वास और संतोष का माहौल बना है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ