छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा को दी गई भावभीनी विदाई
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में माननीय न्यायमूर्ति श्री अरविंद कुमार वर्मा के 07 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनके सम्मान में विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा के न्यायालय कक्ष में अपराह्न 3:30 बजे संपन्न हुआ।
इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा के संपूर्ण न्यायिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके विधिक ज्ञान, निष्पक्षता एवं प्रशासनिक दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा का न्यायिक जीवन उत्कृष्टता, निष्ठा और न्याय के प्रति अटूट समर्पण से परिपूर्ण रहा है।
मुख्य न्यायाधीश ने यह भी उल्लेख किया कि न्यायमूर्ति वर्मा अपने कार्यकाल के दौरान स्पष्टता, संतुलित दृष्टिकोण और विधि के शासन के प्रति गहरे सम्मान के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके निर्णय केवल विधिक विवेचना तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनमें न्याय की मानवीय समझ भी परिलक्षित होती रही है।
उन्होंने आगे कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा के निर्णयों ने न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ किया तथा उनका आचरण युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना। अपने कार्यकाल में उन्होंने विधि के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय निर्णय दिए और कुल 9,800 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया, जिनमें 238 ए.एफ.आर. (Approved for Reporting) निर्णय भी शामिल हैं। ये आंकड़े केवल संख्यात्मक उपलब्धियां नहीं, बल्कि उनके न्यायिक दृष्टिकोण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
अपने उद्बोधन में न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा ने ईश्वर, माननीय मुख्य न्यायाधीश, समस्त न्यायाधीशगण, परिवार, न्यायिक अधिकारियों, सहयोगियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया और अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए।
उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा का जन्म 08 अप्रैल 1964 को अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय, अंबिकापुर से प्राप्त की तथा अंबिकापुर महाविद्यालय से स्नातक की उपाधि हासिल की। इसके पश्चात उन्होंने शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर से विधि शिक्षा प्राप्त की।
वर्ष 1994 में उन्होंने व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-II के रूप में न्यायिक सेवा प्रारंभ की। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने घरघोड़ा, राजनांदगांव, रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर में विभिन्न पदों पर कार्य किया। वे वाणिज्यिक न्यायालय के प्रथम न्यायाधीश के रूप में भी पदस्थ रहे हैं तथा जगदलपुर, बिलासपुर एवं रायपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दीं।
न्यायमूर्ति वर्मा ने उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार न्यायिक एवं छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी में अतिरिक्त निदेशक जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का भी निर्वहन किया। 23 जनवरी 2024 को वे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए तथा 12 दिसंबर 2025 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की।
कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, न्यायमूर्ति वर्मा के परिवारजन, महाधिवक्ता, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल, वरिष्ठ अधिवक्ता, अधिवक्ता गण, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग, रजिस्ट्रार जनरल, न्यायिक अकादमी, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, प्रशासन एवं पुलिस अधिकारी तथा न्यायालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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